गयी बीत 'विभावरी'...
देखो 'भास्कर' द्वारे आया...
उठ जाओ 'स्नेही मित्रो'...
नव वर्ष 'खुशियाँ' लाया...
'विभावरी' = रात , 'भास्कर' = सूर्य, सूरज
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
विज्ञापन
दिल्ली हाईकोर्ट ने विज्ञापन मे चेहरा नहीँ दिखाने के लिये कहा तो केजरीवाल आजकल पिछवाडा दिखा रहे है!! अब सीधे विज्ञापन पे आता हूँ: नमस्कार...
-
दिल्ली हाईकोर्ट ने विज्ञापन मे चेहरा नहीँ दिखाने के लिये कहा तो केजरीवाल आजकल पिछवाडा दिखा रहे है!! अब सीधे विज्ञापन पे आता हूँ: नमस्कार...
-
उजड़ी हुई बस्तियां...लोग अनजाने मिले मुझको मेंरे गाँव...सब वीराने मिले दरो दीवार बची थी... कहीं छज्जा न मिले टूटे कीवाडों में बंद ...त...
-
सुनो!! अब 12 बजने वाले है अपना नाटक बंद कर दो और हाँ वो मेरे जूते तुमने जो आज जबरदस्ती उतारे थे कहाँ रख दिए है? सुबे ढूंढने में परेशनि ह...
No comments:
Post a Comment